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एंटीबायटिक ले रहे हैं?

एंटीबायोटिक

यह सब अवश्य जानें!

एंटीबायटिक्स का प्रयोग जीवणुओं के कारण होने वाले संक्रमणों जैसे काली खांसी, गले में खराबी, मूत्र में संक्रमण आदि उपचार के लिए किया जाता है। लेकिन लापरवाही और गलत अनुमानों के कारण, इस एंटीबायटिक्स का उपयोग सही तरीके से नहीं करते हैं जिससे अधिक जटिलताएँ आ जाती हैं और यहाँ तक कि एंटीबायटिक्स प्रतिरोधकता की समस्या भी आ सकती है। गलत एंटीबायटिक्स के उपयोग से अच्छे बैक्टीरिया खराब बैक्टीरिया में बदल जाते हैं और आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा सकते हैं। इसलिए एंटीबायटिक्स का उपयोग करते समय सावधानी बरतें। ऐसा करने का सही तरीका जानें।

अपने आप ही फैसला न करें!

अपने स्वयं के निदान या पिछली बार ली गई दवा के आधार पर एंटीबायटिक लेने का फैसला न करें। न ही अपने पड़ोस वाले कैमिस्ट द्वारा दी गई एंटीबायटिक लेने की सलाह पर ध्यान दें।

एंटीबायटिक केवल डॉक्टर की सलाह पर ही ली जानी चाहिएं। डॉक्टर से परामर्श किए बिना ली जाने वाली एंटीबायटिक न केवल आपका खर्चा बढ़ाएगी बल्कि यदि आपको डायरिया, खमीर (यीस्ट) संक्रमण या चकते जैसी समस्या है तो आपको अस्पताल भी जाना पड़ सकता है।

एंटीबायटिक की निर्धारित मात्रा पूरी करें

एंटीबायटिक बीच में न छोडें ओर निर्धारित मात्रा, निर्धारित अवधि तक अवश्य लें!

हो सकता है चिकित्सक द्वारा दी गई एंटीबायटिक की कुछ खुराकें लेने के बाद आप अपने आपको बेहतर महसूस करने लगें लेकिन कुछ शक्तिशाली बैक्टीरिया शरीर में बचे रह सकते हैं जो आपकी सेहत को नुक्सान पहुंचा सकते हैं।

जानें कि एंटीबायटिक की आवश्यकता कब होती है

एंटीबायटिक कब काम करती है और इनके दुरुपयोग से कैसे बचा सकता है, इसके तरीके जानें। गले में खराश, काली खांसी और मूत्र मार्ग में संक्रमण के उपचार के लिए एंटीबायटिक लेना उचित है क्योंकि ये रोग बैक्टीरिया द्वारा फैलते हैं। लेकिन जुकाम, गले में खराश व वायरस द्वारा उत्पन्न फ्लू के उपचार में एंटीबायटिक लेने का कोई लाभ नहीं होता।

कभी भी पुरानी या अन्य लोगों द्वारा छोड़ी गई एंटीबायटिक्स का प्रयोग न करें

यदि आप बीमार होते हैं, तो आप तुरंत पिछली बार चिकित्सक द्वारा दी गई दवा या परिवार के किसी अन्य सदस्य द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दवाई लेने के बारे में सोचते हैं। सावधान!, ऐसा करने से आप ज़्यादा बीमार हो सकते हैं, आपको दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है या सही इलाज में देरी हो सकती है। इसलिए आपको बची हुई दवाईयाँ फेंक देनी चाहिएं और सुनिश्चित करना चाहिए कि ये बच्चों की पहुंच से दूर रहें।

एंटीबायटिक तथा भोजन/शराब

कुछ ऐसे आहार होते हैं जो एंटीबायटिक्स के अवशोषण में बाधा डालते हैं और ऐसी एंटीबायटिक खाने के साथ नहीं ली जानी चाहिएं। हमेशा डॉक्टर से पूछें कि क्या सुझाई गई दवाओं के साथ किसी तरह का भोजन लेने की मनाही है। इसके अलावा कुछ एंटीबायटिक्स ऐसी होती हैं जिन्हें लेने पर शराब का सेवन नहीं किया जा सकता। यह नियम बना लें कि एंटीबायटिक लेते हुए शराब का सेवन करने से बचें।

पानी और एंटीबायटिक्स

एंटीबायटिक्स के साथ बहुत अधिक मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए क्योंकि इससे दुष्प्रभाव कम होते हैं और शरीर उन्हें बेहतर तरीके से अवशोषित कर सकता है।

डॉक्टर को ले रही दवाओं की जानकारी दें

कुछ सप्लीमेंट्स जैसे आयरन आदि कुछ एंटीबायटिक्स को अवशोषित करने में बाधा डाल सकते हैं। हमेशा अपने चिकित्सक को इस बात की जानकारी दें कि आप कौन सी दवाइयाँ पहले से ले रहे हैं ताकि उपचार अधिक प्रभावी हो सके।

एंटीबायटिक्स से वास्तव में जीवन बचाया जा सकता है, लेकिन वे अपनी हर समस्या का इलाज नहीं हो सकते। इसलिए खुद डॉक्टर बनने से परहेज़ करें और योग्य डॉक्टर से परामर्श करके ही एंटीबायटिक लें ताकि आपके स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके और एंटीबायटिक प्रतिरोधकता से बचा जा सके।

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