कुत्ते ही नहीं बन्दर के काटने से भी रेबीज़ हो सकता है
क्या आप जानते है कि बिल्ली, बन्दर और सांप के काटने पर भी रेबीज़ होने की आशंका होती है। इन जंगली जानवरों के काटने पर 72 घंटे के अंतराल में एंटी-रेबीज वैक्सीन का इंजेक्शन लगवाना बहुत ज़रूरी है|
संक्रमण के लक्षण
जानवर के काटने पर नीचे की हड्डियाँ, मांसपेशियाँ, नसें इत्यादि तो दब और टूट ही सकती हैं बल्कि इससे त्वचा भी फट सकती है| काटने के बाद संक्रमण निम्न लक्षणों के साथ निश्चित है :
- घाव के आसपास त्वचा का गर्माना
- सूजन
- दर्द, मवाद
- घाव के आसपास त्वचा लाल होना
- गले में सूजन, बुखार
- अंग सीधा करने ,मोड़ने में कठिनाई
- काटे गये स्थान पर सुन्न महसूस होना
तत्कालीन प्राथमिक-चिकित्सा
जंगली जानवर के काटे जाने के बाद मरीज या उसके आस-पास के लोगों को चाहिये कि अगर घाव बहुत गहरा न हो तो उसे साबुन से तकरीबन पंद्रह मिनट तक धोएं, और बीटाडीन से साफ करें |
घाव को गलती से भी ढके नहीं | जितना जल्द हो सके, डॉक्टर से संपर्क करें | काटे गये व्यक्ति को टेटनस और एंटी रेबीज़ वैक्सीन के इंजेक्शन लगवाना ज़रूरी है| क्योंकि अगर रोगी रेबीज़ की चपेट में आ जाये तो फिर रेबीज़ का कोई इलाज नहीं है | यह रोग काटे जाने के 11 वर्षों तक कभी भी हो सकता है|
एंटी रेबीज़ इंजेक्शन का 3 वर्ष तक असर रहता है तथा यह दो प्रकार का होता है
कई बार जंगलों के आसपास के लोग या किसी ऐसी जगह पर रहने अथवा काम करने वाले लोग जहाँ जानवरों के काटने का डर हो – वे एंटी रेबीज़ वैक्सीन का इंजेक्शन पहले ही लगवा कर रख सकते हैं जिससे कि यदि उस अवधि में जानवर काटे तो रेबीज़ होने की संभावना कम हो|
घाव के अधिक गहरे न होने पर एंटी रेबीज़ पैसिव का इंजेक्शन लगाया जाता है | यदि गहरा घाव है तो एंटी रेबीज़ एक्टिव इंजेक्शन भी लगाया जाता है। पैसिव इंजेक्शन से रोगी के शरीर में अपने आप एंटी रेबीज विकसित होने लगेगा पर चूँकि गहरे घाव में यह अधिक प्रभावशाली नहीं सिद्ध होगा, अत: पैसिव के साथ-साथ एक्टिव इंजेक्शन भी दिया जायेगा ।
रेबीज़ के लक्षण
आम धारणा है कि रेबीज़ होने पर व्यक्ति में काटने वाले जानवर के लक्षण आने लगते हैं| असल में रेबीज़ रोगी के दिमाग को अपनी चपेट में ले लेता है| निम्न लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं:
- रोगी का पानी और रोशनी से डरना
- गले में जकड़न
- नाक,मुंह से लार टपकना
- शोर गुल से घबराहट , शांत और अंधेरे वातावरण में रहना पसंद करना
- छोटी सी बात को लेकर भड़क जाना
- व्यक्ति का खुद को बेहद निडर महसूस करना
भूल कर भी काटे जाने पर यह न करें
- जानवर को देख कर भागना, घबराना या उसे डराने का प्रयास
- पालतू जानवर को एंटी रेबीज़ इंजेक्शन न लगवाना
- तुरंत डॉक्टर के पास न जाना
- घाव को हल्दी, आदि से लेप कर बाँध देना
- काटे जाने के 72 घंटे के अंदर एंटी रेबीज इंजेक्शन न लगवाना






