डेंगू के प्रकोप से कुछ ऐसे बचें
डेंगू, जोकि जानलेवा भी हो सकता है- का वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। इससे सुरक्षित रहने के लिए आपको सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जबकि डेंगू से बचने का एकमात्र निश्चित उपाय तो मच्छरों से बचना ही है।
आईये, हम आपको इस महामारी से बचने के कुछ तरीकों से अवगत करवा दें:
रोगी को हर हालत में मच्छर के काटे जाने से बचायें
जी हाँ, डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को फिर दोबारा मच्छरों के काटने से हर हालत में बचाये। आसपास, घर के सभी लोगों को डेंगू मच्छर के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि वे इस मच्छर के काटने के विरुद्ध आपकी मुहिम में बहुत सक्रिय तरीके से आपका साथ दें |
घर के बाहर या आसपास पानी न रूकने दें
डेंगू के मच्छर ज़्यादातर रुके हए पानी में पनपते हैं| अत: यह सुनिश्चित करें कि ऐसी किसी भी संभावित जगह पर पानी न रूकने पायें – चाहें वो घर का कूलर हो या बगीचे में गमलें | झटपट रुके पानी की निकासी सुनिश्चित करें – इसके लिये चाहें खुद ही झाड़ू लेकर सफाई में जुटना पड़ें |
मच्छरों के प्रवेश के सब बिंदुओं को सील कर डालें
दरवाज़े, दीवारों को भलीभांति जाँचिये | यदि आपको वहां – छोटे छेद दिखें या मच्छरों के आने जाने का मार्ग दिखे – उसे बंद करें | न रहेगा बाँस और न बजेगी बाँसुरी|
कूड़ेदान को साफ-सुथरा रखें, कचरा प्रतिदिन निष्कासित करें
रसोई का गीला कचरा, या बगीचे के गले पत्ते – किसी भी प्रकार का कूड़ा बिना ढके न रखें | और कचरे को निरंतर एक जगह जमा न होने दें |जैसे ही कूड़ा दान भरता दिखाई पड़े, उसे जल्द खाली करने का इंतज़ाम करें – यह बात अपने पल्ले बाँध ले और भूले नहीं |
मच्छर नाशक रिपेलेंट और मच्छरदानी प्रयोग में लायें
दिन या रात- दोनों ही समय मच्छर नाशक रिपेलेंट प्रयोग में लायें | बच्चे, जवान या घर के बड़े बुजुर्ग – घर में अधिक मच्छरों के चलते, बेहतर है कि मच्छरदानी में ही सोयें |
खिड़की अथवा कक्ष द्वारों के आसपास तुलसी का पौधा रखें
घर में मच्छरों के प्रवेश को रोकने के लिए अपनी खिड़की या दरवाजे के पास तुलसी का पौधा लगाये। यह नुस्खा कुदरती तरीके से मच्छरों को भगाएगा और प्राकृतिक तरीके से संक्रमण से आपकी रक्षा करेगा|






