लहसुन थेरेपी – क्या यह सच है
बचाव एवं प्राथमिक चिकित्सा>जीवन शैली
प्राचीन सुत्रोनुसार लहसुन कब्ज-नाशक, वीर्य तथा बुद्धि वर्धक है| यह चेहरे के रंग को आकर्षक बनाने के साथ ही चक्षु- रोग नाशक है| टूटी हड्डी को जोड़ने, हृदय रोग में सहायी, पुराने बुखार को हटाता है, शरीर की पीड़ा दूर करता है। वायुगोला, अफारा, अरुचि हटाता है- भूख जगाता तथा पाचन विकारों का भी उपचार है। खांसी को दूर करता है,पेट के कीड़े मारता है। वायु, सांस ,कफ आदि के रोगों को दूर करता है।
यानि कई लोगों के लिये लहसुन अपने में एक थेरेपी है?
दिल की बीमारियों से बचाव
दिल की बीमारियों जैसेकि कोरोनरी आर्टरी ब्लॉकेज अथवा हार्ट अटैक को दूर रखने में लहसुन महत्वपूर्ण है- यह खून के थक्कों को बनने से रोकता है | ब्लड थिन्नेर्स क्षमता को तीव्रता प्रदान करता है तथा उनकी असंतुलित मात्रा लेने पर होने वाले कुप्रभावों से बचाता है | अधिकांश शोधों के अनुसार लहसुन कोलेस्ट्रॉल मात्रा को घटाता है जोकि हार्ट अटैक का मुख्य कारण हैं |
पुरुष-स्वास्थ्य में लहसुन लाभ
शोध इसे यौन क्षमता वर्धक बताते हैं | प्राचीन काल में इसके एक कामोत्तेजक औषधि के रूप में प्रयोग की पुष्टि हुयी है| यह पुरुषों में जोड़ों के दर्द का भी सटीक उपचार है चूँकि आँकड़े बताते है कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में यह तकलीफ़ अधिक मिलती है |
लहसुन- आपका आँख कान और नाक विशेषज्ञ
- कहते हैं – 5 बूंद लहसुन रस, 1 चम्मच शहद में मिलाकर रोज़ाना 2 बार सेवन से खाँसी और गले के इंफेक्शन में आराम मिलता है |
- लहसुन की 4 कलियाँ सिरके में डालकर, चटनी पीसकर रोज़ाना दो बार सेवन से गले के दर्द और सूजन में राहत मिलती है |
- 1 कली लहसुन और 2 कालीमिर्च पिसी के सूंघने से फ्लू के कीटाणु नष्ट होते हैं |
- दांतो के दर्द में लहसुन की 1 कली पिसी दांत के दर्द के स्थान पर लगायें।
- कान में दर्द या मैल होने पर सरसों या तिल के तेल में लहसुन की कुछ साबुत कलियाँ डालकर गर्म कर लें, लहसुन के जलने – ठंडा होने पर इसे छलनी से छानकर 1-2 बूंदे कान में सावधानीपूर्वक डाल सकते हैं |
कमर दर्द और लहसुन
कमर दर्द में सरसों तेल में 1 चम्मच अजवायन, 1-2 कलियाँ लहसुन, थोडी हींग डालकर – लहसुन काला पड़ने तक आंच पर रखें| तेल ठंडा पड़ने पर , मालिश करने से दर्द में राहत मिलेगी | लहसुन गठिया और जोड़ों के दर्द में भी आरामदायक है |
लहसुन – अन्य उपचार और लाभ
- लहसुन मोटापा घटाने में मदद करता है – सेहतमंद आहार, नियमित व्यायाम के सम्मिश्रण द्वारा लहसुन का इस्तेमाल , शरीर के फैट को कम करने में सहायक होता है|
- डायबिटीज के रोगियों में बार-बार पेशाब करने से शरीर में घटी पोटेशियम की मात्रा को लहसुन पूरा करता है चूँकि यह पोटैशियम का उच्च स्रोत है |
- सोरायसिस के इलाज हेतु कच्चा लहसुन रोजाना लम्बे समय तक खाते रहना चाहिये।
- लहसुन-शहद मिले सेवन से धमनियों में जमा वसा निष्कासित होता है, जिससे कि हार्ट ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप से चलता है व शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी मजबूत होती है|
लहसुन के सेवन में सावधानियां बरतें
याद रखें कि लहसुन की तासीर और प्रकृति गर्म है। यह उचित होगा कि इसे कम मात्रा में सेवन किया जाये| कमजोर और बीमार लोगों को खाली पेट लहसुन खाने से परहेज़ करना चाहिए | गर्मी के मौसम में,नकसीर आदि की शिकायत होने – सर्जरी होने , गर्भ से होने पर अथवा छोटे बच्चों आदि को लहसुन बहुत ही कम मात्रा में सेवन करना चाहिये | कच्चा लहसुन तो बिलकुल नहीं खाना चाहिए | लहसुन का लेप बनाकर चेहरे पर न लगाये | अंत में यह ज़रूरी है कि इसे पूरी एहतियात के साथ ही प्रयोग में लायें और थेरेपी के साथ कंफ्यूज न करें – यह लाभकारी ज़रूर है पर विशेषज्ञ नहीं |






