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मेनोपाॅज़ (रजोनिवृति) और यौन जीवन

Menopause Sex Life

मेनोपाॅज़ (रजोनिवृति) महिलाओं के जीवन का वह चरण है जब वे कुछ ऐसी स्थितियों का अनुभव करती हैं जो उन्हें आश्चर्य में डाल देती हैं। मेनोपाॅज़ के बाद, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेराॅन की कमी होने से महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनमें उत्तेजित न होना, स्पर्श व सहलाने के प्रति कम संवेदनशील होना शामिल हैं जिनमें यौन इच्छा में कमी आ सकती है। इसके अलावा योनि में सूखेपन के कारण संभोग के दौरान या बाद में दर्द का अनुभव भी हो सकता है। इससे सम्पत्तियों के बीच भावनात्मक व शारीरिक दूरियाँ बन सकती हैं।

हालांकि ऐसा सब महिलाओं में नहीं होता है, मेनोपाॅज़ की स्थिति में या कुछ महिलाओं में कुछ कारणों की वजह से यौन इच्छा बढ़ भी सकती है। जहाँ अधिकांश महिलायें इस बात को स्वीकार कर लेती हैं और दर्द व मेनोपाॅज़ के बीच के सम्बंध को समझ जाती हैं, वहीं कुछ जिन्हें सक्रिय यौन जीवन में दर्द का अनुभव होता है, इस तथ्य के कारण यौन सम्बंध बनाने के प्रति अनिच्छा जाहिर करने लगती हैं।

क्या वास्तव में ऐसी स्थिति में कुछ किया जा सकता है? अधिकांश मामलों में, इन लक्षणों का उपचार योनि लुब्रिकेंट्स, मायस्चराइज़र व कुछ दवाइयों से किया जा सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बारे में गायनीकोलोजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) से चर्चा की जाये। क्योंकि यौन निकटता सभी आयु वर्गों में महत्वपूर्ण होती है तथा दम्पत्तियों के सामीप्य व संतुष्टि के लिये भी जरूरी हैं

मेनोपाॅज़ (रजोनिवृति) का अर्थ यौन आनंद का अंत क्यों होना चाहिए?

अपनी डाॅक्टर से बात करना सही दिशा में पहला कदम है। अनुसंधान से पता लगा है कि सामाजिक वर्जनाओं के कारण बहुत कम संख्या में महिलायें इस बारे में अपने डाॅक्टर से बात करती हैं। इसके अलावा कुछ महिलायें पुराने चल रहे उपायों को अपनाती हैं जैसे दर्द कम करने के लिए लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करना, जबकि अधिकांश महिलायें यौन सम्बंधों से पूरी तरह किनारा करने लगती हैं। यह भ्रांति कि दर्द अपने आप समाप्त हो जाएगा, से समस्या तब तक गंभीर ही रहती है जब तक इसका उपचार नहीं किया जाता।

मेनोपाॅज़ के बाद संभोग के दौरान दर्द होना प्राकृतिक लक्षण है, क्योंकि महिलाओं के जीवविज्ञान के अनुसार रजोनिवृति में पहले एस्ट्रोजन योनि के ऊत्तकों की मोटाई व लचीलापन बनाये रखने में सहायक होता है। उम्र के साथ-साथ एस्ट्रोजन का स्तर कम होता जाता है और उन ऊत्तकों में बदलाव आने लगता है जिससे वल्वर व वेगाइनल एट्रोफी की समस्या आती है और यौन सम्बंधों के दौरान दर्द होता है।

इसलिये यह सच है कि मेनोपाॅज़ के बाद, संभोग के समय दर्द होना एक चिकित्सीय समस्या है।

  • इसके लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में अपने चिकित्सक से बात करने में न झिझकें। लुब्रिकेंट्स और मायस्चराइज़र से मिलने वाली अस्थाई राहत पर बहुत अधिक भरोसा न करें।
  • इसके लिए, उपचार विकल्प मौजूद हैं जैसे दिन में एक बार ली जाने वाली हारमोन-फ्री खाने की गोली। इस विकल्प के बारे में अपने डाॅक्टर से बात करें।
  • इसके अलावा, विभिन्न उपचारों के फायदों व नुक्सानों के बारे में अपने डाॅक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है ताकि आपके लिए सर्वोत्तम उपचार विकल्प ढूंढने में मदद मिल सके।

यदि आप मेनोपाॅज के कारण, संभोग के समय होने वाले दर्द से बचना और अंतरंग क्षणों का आनंद उठाना चाहती हैं तो अपने जीवनसाथी, मेडिकल काऊंसलर या अपने डाॅक्टर से बात करें।

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