गैस की शिकायत से कैसे पायें निजात ?
हर व्यक्ति को कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है- अत्यधिक भोजन ,ज्यादा देर भूखे रहना, तीखा मसालेदार भोजन, ठीक से चबाकर न खाना, जॉब स्ट्रेस , मदिरापान , कुछ बीमारियों व दवाओं के सेवन के कारण गैस की शिकायत हो सकती है।
लक्षण
- भूख न लगना
- बदबूदार सांसें
- पेट में सूजन
- उलटी, बदहज़मी, दस्त,
- सूखे बाल ,होंठ और त्वचा
- बहुत जल्दी गुस्सा या प्यार आना
- गर्मी सर्दी का अधिक एहसास
- जोड़ों, मांसपेशियों में दर्द
- घबराहट
सावधानियां
- अजवाइन, पुदीना, नीम्बू , सेब का सिरका, छाछ, सरसों , लौंग ,अदरक, पपीता, नीम्बू पानी और पिपरमेंट का प्रयोग गैस की समस्या से जूझने में सहायक होता है।
- भोजन में मिर्च, मसाले, भारी तला हुआ- माँस, मछली, अण्डे| मूंग, चना, मटर, अरहर, आलू, सेम, चावल आदि से बनी चीजों को खाने से बचें|
- पेय पदार्थ जैसेकि कॉफी, फ्रक्टोज़-युक्त पेय पदार्थ जूस, बीयर और कृत्रिम शर्करा तथा अन्य कार्बोनेटेड ड्रिंक्स भी समस्या को बढ़ाते हैं |
- आसानी से पचने वाले भोजन जैसे सब्जियां, खिचड़ी, चोकर सहित बनी आटे की रोटी, दूध, तोरई, कद्दू, पालक, टिंडा, शलजम, अदरक, आंवला, नींबू आदि अधिक खाएं|
- खाना खूब चबा कर आराम से खायें | बीच में ज्यादा पानी न पियें |
- दोनों समय के भोजन के मध्य हल्का नाश्ता – फल, आदि अवश्य खायें|
- नियमित व्यायाम व योगा करें| हल्का टहलें या पेट की मसाज बाहर की ओर करें|
संभावित मेडिकल कारण
सेलियक रोग से पीड़ित लोग विशेष रूप से ग्लूटन के प्रति संवेदनशील होते हैं जिससे उनकी आंत में परेशानी व पेट दर्द और सूजन बढ़ जाती है। अन्य कारणों में इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस), अल्स्रेटिव क्लोटिस और क्रोहन इत्यादि शामिल है|
कुछ दवाएँ भी सूजन और पेट फूलने को बढ़ावा दे सकती है जैसेकि कई नॉन- स्टेरायडल , एंटी-इंफलामेटरी दवाएँ -आइबूप्रोफेन, नेप्रोसेन, एंटी फंगल और स्टेटिन्स शामिल हैं | कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।
डॉक्टरी सलाह
सेलियक रोग की जांच हेतु डॉक्टर मल या खून जांच करने का निर्देश दे सकता है| लेक्टोज़ संवेदनशीलता के लिए साँस का परीक्षण तथा कुछ मामलों में एक्स-रे या कोलोनोस्कोपी की आवश्यकता भी हो सकती है।
कुछ घरेलू उपाय
- नीम्बू रस में 1 चम्मच बेकिंग सोडा सुबह खाली पेट ले
- काली मिर्च, लहसुन, पुदीने का सेवन करे
- छाछ में काला नमक – अजवाइन मिलाकर पियें
- दाल-चीनी पानी मे उबालकर, ठंडा कर लें और सुबह खाली पेट पियें
- दिन में दो -तीन बार छोटी इलायची और अदरक चबायें
- रोज़ नारियल पानी पियें
- सेब का सिरका भी गर्म पानी में मिलाकर पीना लाभकारी है
- सप्ताह में एक दिन उपवास रखने से भी पेट साफ रहता है






