महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में डिप्रेशन का इलाज

डॉक्टर के परामर्श से डिप्रेशन  के इलाज के लिए कई  तरीकों का प्रयोग किया जाता है, जिसमें एंटीडिप्रेसेंट जैसी दवायें , मस्तिष्क की स्टीम्युलेशन तकनीक जैसे ईसीटी और व्यक्तिगत मनोचिकित्सा आदि शामिल हैं।

तनाव मुक्त तथा सुप्रबंधित  रहना, स्वस्थ प्रकार का  भोजन करना सबसे अधिक मदद करता है।


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में मेनोपॉज डिप्रेशन 

पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज़ के दौरान एस्ट्रोजेन स्तर में गिरावट से शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन होते हैं - जैसेकि डिप्रेशन  या चिंता। कुछ शारीरिक परिवर्तनों में अनियमित या मासिक धर्म का न होना , भारी या हल्का बहाव तथा  हॉट फ्लाशेस शामिल हैं।


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में पोस्ट पार्टम डिप्रेशन का इलाज

अधिकतर इसका इलाज दवाओं और / या मनोचिकित्सा का उपयोग करके किया जा सकता है। यदि कोई महिला स्तनपान करवा रही है, तो ए एंटीडिप्रेसेंट लेने का निर्णय बच्चे के बाल रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ महिला के मनोचिकित्सक को  करना होगा | 


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में पीएमएस डिप्रेशन का इलाज

कई महिलाएं जो पीएमएस डिप्रेशन से ग्रस्त हैं, वे व्यायाम या मैडिटेशन  के माध्यम से स्थिति में सुधार ला पाती हैं। जबकि गंभीर लक्षणों वाले वर्ग के लिए- दवा, व्यक्तिगत या सामूहिक मनोचिकित्सा, या स्ट्रेस मैनेजमेंट  मदद कर सकता है।


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में प्रमुख प्रकार के डिप्रेशन

पीएमएस, प्रसव के बाद प्रसवोत्तर डिप्रेशन, मेनोपॉज, सर्दियों में मौसमी भावात्मक विकार, बाईपोलर  विकार


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में मेनिया डिप्रेशन का एक प्रकार 

असामान्य रूप से उच्च मूड और चिड़चिड़ापन, नींद की आवश्यकता में कमी, घोड़े पर सवार विचार, तेजी से बतियाना , भव्य विचारों की अभिव्यक्ति, ऊर्जा में बढ़ोतरी , सेक्स इच्छा में वृद्धि, न्यूनतम निर्णय क्षमता - जोखिम लेने वाला व्यवहार, अनुचित सामाजिक व्यवहार


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में मेनिया के रूप में डिप्रेशन

मेनिया एक उच्च ऊर्जावान अवस्था है जिसमें मूड स्तर उच्च होता है जैसाकि बाई पोलर विकार  में अक्सर होता है। इसे मूड स्विंग भी कह सकते हैं - डिप्रेशन की  निम्न अनुभूति और मेनिया की उच्चतर सीमा । भले ही मेनिया एक उच्च मनोदशा है, फिर भी  इसे चिकित्सीय ध्यान देने की आवश्यकता है।


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण

लगातार उदासी, चिंतित, या  खालीपन का अनुभव, सेक्स सहित अन्य गतिविधियों में अरुचि, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक रोना, अपराधबोध, व्यर्थता की मिश्रित भावनाएँ, अधिक या कम नींद, वजन में बढ़ोतरी  या कमी, थकान, आत्मघाती विचार, ध्यान केंद्रित करने, निर्णय लेने में कठिनाई, सिरदर्द, पाचन विकार, क्रोनिक दर्दें, आदि


   

महिलाओं में डिप्रेशन

महिलाओं में डिप्रेशन के रिस्क फैक्टर

मूड विकारों का पारिवारिक इतिहास, छोटी उम्र में माता-पिता की मृत्यु, सामाजिक असमर्थन या संभावना, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक तनाव, जैसेकि नौकरी खो देना, संबंध,तनाव, अलगाव या तलाक,बचपन में शारीरिक या यौन शोषण,कुछ दवायें, आदि 

 


   

महिलाओं में डिप्रेशन

डिप्रेशन क्या है?

किशोरावस्था  की शुरुआत के साथ ही महिला वर्ग  में पुरुषों की तुलना में डिप्रेशन के विकास का जोखिम दोगुना हो जाता है| 

महिलाओं के जीवन में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन- किशोरावस्था,  गर्भावस्था और मेनोपॉज, साथ ही जन्म देने या गर्भपात, पीएमएस अनुभव , काम का तनाव महिलाओं को डिप्रेशन का शिकार बना सकते है|


   

महिलाओं में डिप्रेशन

डिप्रेशन क्या है?

डिप्रेशन हल्के से मध्यम स्तर का हो सकता है | 

डिप्रेशन -  भूख न लगना,  सोने में कठिनाई, आत्मसम्मान में कमी  और थकान के लक्षणों के साथ हल्के से मध्यम स्तर का हो सकता है। या यह संभवत: अधिक गंभीर भी हो सकता है | 


   

महिलाओं में डिप्रेशन

डिप्रेशन क्या है?

डिप्रेशन  एक गंभीर और व्यापक मनोदशा विकार है जो उदासी, निराशा, असहायता और बेकारपन की भावनाओं का कारण बनता है।


   

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