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उदासी और निराशा से उबरे

ज़िंदगी उतार-चढ़ाव का नाम है और ऐसे ही रहेगी | सफलताओं के साथ असफलताएं और आशा के साथ निराशाएं भी सदा ही जुड़ी रहेंगी | हमें संयम और निश्चय के साथ जीवन-रण में डटे रहना पड़ेगा|  और ऐसा नहीं कि सिर्फ आप ही दुखी हैं, हर किसी के जीवन में अपनी तरह की समस्यायें हैं और उसी के साथ छोटी-छोटी ख़ुशियों का नीड़ भी और वो नीड़ जीवन के प्रति आस्था और निष्ठा का प्रतीक है| 

पॉजिटिव बने रहिये

यह हमेशा याद रखिये कि कभी भी माहौल बना-बनाया नहीं मिलता, बाहर जो दिखता है असल में वह हमारा दृष्टिकोण  है | यदि हम ऊर्जा और नव-जीवन का संचार महसूस करेंगे तो निश्चित रूप से हमारे इर्द-गिर्द एक सकरात्मकता की रेखा खिंच जाती है | एक उदास चेहरा केवल निराशा का ही आभास देगा जबकि खुशनुमा माहौल आपको सदा खुश रहने को प्रेरित करेगा| 

थोड़ा मुस्कराईये | 

ज़रा दिल की सुनिये

कई बार कुछ चीज़ें हम प्रेशर में आ कर करते हैं |अगर हमारी रुचि हमें एक भिन्न दिशा में खींचे और प्रेशर दूसरी ओर संतुष्टि तो हमें मिलने से रही – उल्टे हम अप्रसन्नता के गहन सागर में ज़रूर डूबेंगे | जिस परिस्थिति और माहौल में ऊब हो – उससे निजात पायें | पर हाँ इसीके साथ किसी प्रकार की हार से भी भय न करें – कर्म करते रहें | 

व्यक्त करें | सेहत का ध्यान रखें

खुद को व्यक्त करना भी ज़रूरी होता है | बातचीत करें,  विचारों का आदान प्रदान करें | इसके साथ-साथ : 

  • स्वास्थ्यप्रद भोजन लें| 
  •  खूब पानी पिएँ।
  • मदिरा और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहें | 
  • 7-8 घंटे की नींद लें |  
  • खुद को व्यस्त रखें | 
  • सैर पर निकले – ताज़ी हवा का आनंद लें | 
  • तनाव और अकेलेपन से बचें।
  • ध्यान और योग अपनाएं | 

खुद को थोड़ा क्रेडिट दें

इसमें निश्चित ही कोई बुराई नहीं – कभी-कभार खुद को भी हमारी अपनी अटेंशन ज़रूरी होती है | मी-टाइम  और प्यार के दो बोल – किसे अच्छे नहीं लगते ? पश्चाताप , शिकायत और गिले शिकवों से क्या हासिल ? सीख ज़रूर लें पर अतीत को पकड़ कर बैठ ही न जायें| वर्तमान में रहें समय को सही से व्यतीत करें और आज, अब और अभी में अधिक रहें | 

खुश रहें !

और हाँ, डिप्रेशन की शंका हो तो डॉक्टर से संपर्क करें 

यह नीचे दिये कुछ लक्षण यदि महसूस हो, बेहतर है डॉक्टर से साझा करें : 

  • अपने पसंद की गतिविधियों में रुचि कम हो गयी है 
  • बेचैनी महसूस कर रहें हैं  
  • बहुत अधिक सो रहें हैं  अथवा जग रहें हैं 
  • हमेशा थकावट महसूस कर रहें हैं
  • वज़न घट-बढ़ रहा है 
  • भूख कम ज्यादा हो गयी है 
  • ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे है 
  • याद करने में कठिनाई आ रही है 
  • निराशा, और उद्देश्यहीनता का भाव आ रहा है 
  • सिर-दर्द, पेट-दर्द, कब्ज़ की  समस्या का सामना कर रहे हैं

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