60 के दशक में भी जवानों सी फूर्ति कुछ ऐसे पायें
आधुनिक समय में 60 के दशक में एक नयी ज़िंदगी की पारी की शुरुआत करना ट्रेंडिंग है | चूँकि अब आप ज़िम्मेवारियों से मुक्त है और आपके पास समय की भी कमी नहीं है पर क्या आपके पास यह सब एन्जॉय करने को अच्छी सेहत है ? सेहतमंद बुढ़ापे के लिये आपको समय रहते ही काम करना शुरू करना पड़ेगा | हेलदी आदतों को अपने लाइफ स्टाइल में शामिल करना पड़ेगा, और कुछ बातें आप अभी भी शुरू कर सकते हैं, जैसे कि:
एक्टिव रहें – फिट रहें
खुद को फिट रखने के लिए व्यस्त रहें- इससे आपका मन भी लगा रहेगा , सेहत भी कायम रहेगी और शरीर का संतुलन भी बना रहेगा। साथ ही दिल भी सेहतमंद रहेगा। शारीरिक मेहनत करने से वजन भी कंट्रोल में रहेगा, नींद अच्छी आएगी, तनाव कम होगा |
और क्या चाहिये ?
वार्षिक प्रिवेंटिव हेल्थ स्क्रीनिंग करवाते रहें
पचास की आयु को पार करते ही औरतों को ब्रैस्ट कैंसर की जांच करवाते रहना चाहिए और पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर की जांच करवाना आवश्यक है । इसके अलावा गुर्दे , जिगर , थायराइड, डायबिटीज़ और ब्लड प्रोफाइल , आदि की जांच भी ज़रूरी है |
हेल्दी और संतुलित आहार खाएं- जंक फ़ूड से दूर रहें
जी हाँ ! सही मात्रा में अगर आप पोषक आहार नियमित रुप से ले रहे हैं तो आप निश्चित ही उम्र भर सेहतमंद रहेंगे | इसके साथ ही अगर आप अपनी वर्तमान खाने की आदतों में भी बदलाव लाते हैं तो दिल की बीमारी, हाइपरटेंशन , डायबिटीज़, ऑस्टीयोपोरेसिस सहित कई बीमारियों से भी बचे रहेंगे।
फल-सब्जियां, अनाज, प्रोटीन और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद खाने से हार्ट अटैक, कैंसर सहित कई तरह की बिमारियां बुढ़ापे में परेशान नहीं करती तथा इनसे हड्डी और मांसपेशियाँ भी मजबूत बनी रहती हैं ।
वजन को कंट्रोल में रखें
वज़न के प्रति हमेशा सजग बने रहना ज़रूरी है | ज्यादा वजन से ही दिल की बीमारी, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, सहित कई बीमारियाँ व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकती हैं । अत: वज़न को अपने बीएमआई के अनुसार बढनें न दें|
नशे और धूम्रपान से बचें
नशे और धूम्रपान की दो आदतें छोड़ कर – आप यह ठान ले कि अगर आपने यह कदम सही समय पर उठा लिया तो बुढ़ापे की जिंदगी स्वस्थ कटेगी| चूँकि कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल से जितनी भी मौते होती है उन सबकी सबसे बड़ी वजह यह दोनों ही हैं |
स्मोकिंग से यदि त्वचा पर जल्द ही झुर्रियां आने लगती है; त्वचा का लचीलापन खो जाता है वहीँ नशे से यौन शक्ति तथा यौवन नष्ट हो जाता है |
संभल कर चलें – गिरने से बचे रहें
अब यह बहुत सीधी और सरल सी बात है कि उम्र के साथ हड्डियाँ कमजोर होने से संतुलन बिगड़ता है और गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। चाहें वे घर हो या बाहर- ध्यान रखें कि फर्श गीली नहीं, कारपेट सही से बिछा है और रात में उचित उजाले का प्रबंध है |
इसी के साथ ही आरामदायक चप्पल या जूते पहन कर ही चलें – इससे गिरने की संभावनाएं कम रहती हैं | इस पर ध्यान देना नितांत आवश्यक है कि बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का जुड़ना भी धीमा पड़ जाता है |
आँख-कान और दाँतों का ख्याल रखें
यदि आप अपने दाँत और मसूड़ों की शुरू से ही अच्छे से देखभाल करते हैं , यह अंतिम समय तक आपका साथ देंगे| अत: इनकी सफाई और नियमित देखभाल पर ध्यान दे| दांतो का चेकअप भी रेगुलर करवाएं । साथ ही आँखों की देखभाल पर भी विशेष ध्यान दें तथा उनका भी चेक अप करवाते रहें |
तनाव से बचें
तनाव आपको अंदर से खोखला कर देता है, इससे जितना हो सके बचे | तनाव और अवसाद से मुक्ति के लिए ध्यान- योग करें। सकारात्मक गतिविधियों में संलग्न रहें |
जिंदगी को जिंदा दिली से जियें- दिल से जवान रहें
अपना सामाजिक दायरा बढायें । क्लब , भजन मंडली , किटी पार्टी – कुछ भी चलेगा | कुछ समय बतियाने और सुख-दुख बांटने के लिए सहभागी मित्रों का होना आपकी जिंदा दिली को दर्शाता है| अत: खुश रहें – सामाजिक रहें| |
चैन से सोयें, समय पर सोये
अच्छी नींद नहीं लेने से सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। एक निर्धारित दिनचर्या का पालन करें | कैफीन आदि से दूर रहें – तथा कोशिश या उपाय करनें पर भी यदि नींद में परेशानी हो तो डॉक्टरी सलाह ले|
यह आपका जीवन है, आप इसे अपनी मर्जी से जी सकते हैं – बदलाव ला सकते है, और खुल कर स्वस्थ जी सकते हैं |






